• Sep 12, 2026 | 09:17 AM • 29 Views

बांग्लादेश में हिंदू पत्रकार की मौत से मचा हड़कंप, दफ्तर में फंदे से मिला शव; जांच पर उठे सवाल

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बांग्लादेश में हिंदू पत्रकार की मौत से मचा हड़कंप, दफ्तर में फंदे से मिला शव; जांच पर उठे सवाल
बरिसाल। बांग्लादेश के बरिसाल में वरिष्ठ पत्रकार और ‘समकाल’ के पूर्व ब्यूरो चीफ पुलक चटर्जी का शव अखबार के कार्यालय में फंदे से लटका मिला। 57 वर्षीय पत्रकार की मौत की खबर सामने आने के बाद इलाके में सनसनी फैल गई है। पुलिस ने मौके से पांच नोट बरामद किए हैं और शुरुआती जांच में आत्महत्या की आशंका जताई है। हालांकि, मौत की वास्तविक वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होने की बात कही गई है। बरिसाल कोतवाली मॉडल पुलिस स्टेशन के प्रभारी अधिकारी अल मामून-उल इस्लाम ने घटना की पुष्टि की है। स्थानीय रिपोर्टों के मुताबिक, पुलक चटर्जी करीब तीन साल पहले ‘समकाल’ अखबार से अलग हो गए थे। वह बरिसाल प्रेस क्लब के महासचिव भी रह चुके थे। इससे पहले उन्होंने ‘जुगांतर’ अखबार में कई वर्षों तक काम किया था। उनके परिवार में पत्नी और एक बेटी हैं। मौत पर उठे गंभीर सवाल पुलक चटर्जी की मौत को लेकर बांग्लादेश की अवामी लीग ने कई सवाल उठाए हैं। पार्टी ने दावा किया कि सामने आई तस्वीरों में शव की स्थिति को देखते हुए मामले की गहन जांच जरूरी है। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है और पुलिस की जांच तथा पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार है। अवामी लीग ने घटना को लेकर आरोप लगाया कि यह सामान्य आत्महत्या का मामला नहीं हो सकता और इसके पीछे किसी साजिश की संभावना की भी जांच होनी चाहिए। पार्टी ने संबंधित अधिकारियों से मामले की निष्पक्ष और विस्तृत जांच की मांग की है। अल्पसंख्यक सुरक्षा को लेकर फिर सवाल पुलक चटर्जी की मौत के बाद बांग्लादेश में अल्पसंख्यक समुदाय और पत्रकारों की सुरक्षा को लेकर भी बहस तेज हो गई है। अवामी लीग ने अपने बयान में 2001 से 2006 के बीच बीएनपी-जमात गठबंधन के शासनकाल का जिक्र करते हुए उस दौरान अल्पसंख्यकों के खिलाफ हुई कथित घटनाओं को याद किया। पार्टी का कहना है कि पुलक चटर्जी उस दौर में पत्रकारिता कर रहे थे और उन्होंने कई घटनाओं को करीब से देखा और रिपोर्ट किया था। अवामी लीग ने आरोप लगाया कि उनकी मौत के मामले की जांच इस पहलू को ध्यान में रखकर भी की जानी चाहिए। हालांकि, इन राजनीतिक आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। फिलहाल पुलिस की जांच, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों से ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि पुलक चटर्जी की मौत आत्महत्या थी या इसके पीछे कोई अन्य कारण था। सीसीटीवी और अन्य साक्ष्यों की जांच अहम घटना के बाद पुलिस के लिए घटनास्थल से मिले नोट, सीसीटीवी फुटेज, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य परिस्थितिजन्य साक्ष्य महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं। जांच एजेंसियों के सामने यह पता लगाना भी अहम होगा कि पत्रकार की मौत से पहले कार्यालय में कौन-कौन मौजूद था और घटनास्थल पर क्या परिस्थितियां थीं। पुलक चटर्जी की संदिग्ध मौत ने बांग्लादेश में पत्रकारों और अल्पसंख्यक समुदाय की सुरक्षा से जुड़े सवालों को फिर चर्चा में ला दिया है। फिलहाल मामले में अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने और पोस्टमार्टम रिपोर्ट सामने आने के बाद ही निकाला जा सकेगा।
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